Neelam Saxena Chandra | Additional Divisional Railway Manager, Indian Railways Pune Division Pune | [email protected]

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6/18/2020 Neelam Saxena Chandra Family Views 133 Comments 0 Analytics Hindi DMCA
पूनम के चाँद
बेपरवाह सी रात
और बेपरवाह सी मैं!

क्यों हो गयी हूँ इतनी बेफिक्र?
क्यों नहीं बचा कोई डर,
जबकि एक समय ऐसा भी था जब
ज़हन के हर टुकड़े में
बस घबराहट समाई रहती थी?
ज़रा सी बात पर
अमावस्या होने की आहट भी से
सीना कांप उठता था,
रूह थरथरा उठती थी
और मैं छुप जाती थी
किसी किताब के पीछे?

अब तो
न अमावस्या से रूह कांपती है
न पूनम के चाँद को देखकर
खुशी की गंगा बहती है –
अब तो मेरे रग-रग में
यूँ ही ख़ुशी भर उठी है
और बस गए हैं मेरे जिगर में
पूनम के कई चाँद!