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16/12/2022 Kajal sah Bravery Views 55 Comments 0 Analytics Hindi DMCA Add Favorite Copy Link
कविता : चलते रहों
फूलों की तरह हँसना सीखो
सूरज की तरह चमकना सीखो
पानी की तरह शीतल रहना सीखो
जीवन में निरंतर आगे बढ़ना सीखो।
जीवन के अतीत पल को भूलना सीखो
मधुवन के सूखे कलियों को निकलना सीखो
गलत पर आवाज़ उठाना सीखो
अपने लक्ष्य से देश को महान
बनाना सीखो
देश के भविष्य के लिए
तुम हमेशा आगे बढ़ना सीखो।

धन्यवाद : काजल साह : स्वरचित
                             

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