The Latest | India | [email protected]

56 subscriber(s)


K
29/06/2024 Kajal sah Development Views 418 Comments 0 Analytics Video Hindi DMCA Add Favorite Copy Link
निबंध लेखन

निबंध लेखन एक स्नेहित एवं सौंदर्य कला है। निबंध अर्थात जिसमें कोई बंधन ना हो। ललित निबंध जिसमें नए - नए शब्द, व्याकरण, मुहावरें इत्यादि उपयोग करके निबंध को अत्यंत सुंदर तरीके लिखा जाता है। आज इस निबंध के माध्यम से मैं आपको यह बताने वाली हूं कि आप बेहतरीन निबंध कैसे लिख सकते है? निम्नलिखित बिन्दुओ पर ध्यान केंद्रित करे : 1.विषय ज्ञान : किसी भी विषय पर निबंध लिखने से पहले विषय के बारे में गहराई से जानकारी हासिल कर ले। विषय से संबंधित विभिन्न किताबें पढ़े, वेबसाइट पर चेक करे, लेख पढ़े इत्यादि। जब आपको विषय के बारे में A to Z तक सभी जानकरी प्राप्त होगी। तब आप आत्मविश्वास एवं आत्मबुद्धि के साथ अपने विषय से संबंधित योजना बना सकते है। 2. योजना एवं डाटा कलेक्शन : छोटे से बड़े लक्ष्य तक पहुँचने के लिए एक सटीक एवं स्पष्ट योजना तय करना अत्यंत जरुरी है। विषय चुनने एवं जानकारी प्राप्त करने के बाद एक सोलिड योजना बनाए। सोलिड योजना अर्थात आप निबंध का शुरुआत कैसे करेंगे?निबंध का मुख्य भाग एवं निष्कर्ष इत्यादि। अगर आप अपने निबंध को विश्वसनीय, प्रामाणिक एवं रोचकता से पूर्ण बनाना चाहते है? तब आपको अपने निबंध से संबंधित विभिन्न डाटा जरूर लिखना चाहिए। आप महत्वपूर्ण स्थानों से डाटा कलेक्ट कर सकते है। * किताब * लेख * academic जर्नल 4. भाषा : " शब्दों को संभल -संभल कर बोलिये, क्योकि शब्द के ना होते हाथ - पाँव " एक ही शब्द में औषधि एवं एक शब्द में घाव "। शब्दों में बहुत ताकत है। अपने निबंध सरल, सुगम एवं स्पष्ट रूप से लिखे। हम जो वाक्य लिख रहे हैं, वो छोटा होना चाहिए। मतलब अपनी बात एक बड़े वाक्य में ना लिखकर, दो-तीन छोटे वाक्यों में लिखनी चाहिए,जिससे कि बात का भाव आसानी से समझ में आ जाए। चलिए एक उदाहरण से समझते है - इस सड़क को देखकर लग ही नहीं रहा है कि एक साल पहले यहां चलना मानो लगता था जैसे कि हम किसी पार्क में चल रहे हैं क्योंकि यहां सड़क के किनारे इतने हरे - भरे पेड़ - पौधे लगे थे कि ठंडे हवा के बीच काफी सुकून मिलता था लेकिन अब यहां कारों और स्कूटरों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि आदमी तो क्या, बेचारे पेड़ भी सुख रहे हैं और यहां चलना तो जैसे बीमारी जो दावत देना जैसा हो गया है। देखा आपने कि कितना बड़ा वाक्य है ये और इसे पढ़ने में लोगों को दिक्क़त आएगी। इस बड़ा वाक्यों को 2-3 छोटे वाक्यों में बाँट देना चाहिए। जैसे - एक साल पहले ये सड़क पार्क लगती थी। किनारे लगे हरे - भरे पेड़ - पौधे की ठंडी हवा से काफी सुकून मिलता है। अब कहानी बिलकुल उल्टी है। कार और स्कूटर इतने ज्यादा हो गए है कि आदमी तो क्या,बेचारे पेड़ भी सुख रहे हैं। यहां चलना तो जैसे बीमारी को दावत देना जैसा हो गया। सबसे पहले आप 20-30शब्दों का लेख लीजिये। फिर उसके उसे छोटे - छोटे वाक्य में लिखें। आप सही शब्द का उपयोग तब ही कर पाएंगे जब आप नियमित रूप से पढ़ेंगे। निरंतर अभ्यास करेंगे। व्याकरण : व्याकरण में कोई गलती नहीं होनी चाहिए ताकि जब दर्शक उसे सुनें तो उन्हें अटपटा ना लगे। सोचिये कि अगर कोई आपसे कहे कि " वो किताब जो रखा है, उसे हमें दे दे, " तो कैसा लगेगा आपको? फ़ौरन आप समझ जायेंगे कि सामने वाले को तो हिंदी ठीक से आती ही नहीं है, क्योंकि किताब "रखा " नहीं "रखी " जाती है और जब ऐसा ख्याल मन में आ जाता है, तो फिर उसकी बात पर विश्वास करने में थोड़ी मुश्किल भी होती है। व्याकरण को सुधारने का सबसे कारगर तरीका है पढ़ना। आप जितना पढ़ेंगे, आपकी व्याकरण पर पकड़ उतनी मजबूत होती जाएगी। अगर आपको लगे कि फिर भी आपकी व्याकरण कुछ कमजोर है तो शर्माइएगा मत। छठी - सातवीं की हिंदी व्याकरण की किताब खरीद लीजिएगा और उसे पढ़िए। आपकी हिंदी दुरुस्त हो जाएगी। रोचकता :कोई भी लेखन ( निबंध, कहानी, लघुकथा इत्यादि ) तब हमें अच्छा लगता है.. जब उस लेखन में रोचकता हो। कोई भी पाठक आपके लेखन क्यों पढ़ना चाहेंगे? इस प्रश्न का हल आपके पास होना चाहिए। अगर आपके निबंध में रुचिपूर्ण जानकारी शामिल नहीं रहेगी। तब कोई पाठक आपके निबंध को पढ़ने में रूचि नहीं दिखाएंगे। अगर आप अपने निबंध को प्रभावशाली बनाना चाहते है.. तब निबंध में कोई तथ्य जरूर शामिल करे। तथ्य का पता.. पाठक को निबंध को पूरा पढ़ने के बाद अर्थात अंत में उनको पता चले। श्रेणी क्रम : निबंध अर्थात जिसमें कोई बंधन ना हो। एक सुंदर एवं सार्थक निबंध आप तब ही लिखा जा सकता है.. जब निबंध के वाक्य श्रेणी क्रम में हो।सही स्थान पर वाक्य चयन करके उपयुक्त श्रेणी क्रम में लिखना अत्यंत सार्थक एवं जरुरी है। फ्लो (क्रम ) होना चाहिए। चलिए एक उदाहरण से समझते है। उदाहरण : मैं स्कूल गया। मैं फिर बाजार गया। बाजार आने से पहले मैंने स्कूल में पढ़ाई की और फिर बाजार से घर आ गया। दूसरा : मैं स्कूल गया। वहां मैंने पढ़ाई की। फिर छुट्टी होने पर मैं बाजार गया और उसके बाद घर आ गया। फर्क समझ में आ रहा है ना कि दूसरी पैराग्राफ फ्लो में है। जबकि पहली में वही क्रम बिगड़ा हुआ है। इसलिए समझने में दिक्क़त होगी। छोटी - छोटी बातों पर ध्यान दिया जाए.. तो एक अच्छी निबंध आप लिख सकते है। यह बातें छोटी - छोटी है.. लेकिन बेहद ही महत्वपूर्ण है। समीक्षा :निबंध लिखने के बाद आपको गहराई एवं ध्यानपूर्वक से अपने निबंध को देखना है।जब आप समीक्षा करेंगे.. तब आप अपने निबंध को अच्छे से सुधार पायेंगे। अपने गलतियों को ढूंढ़े। आप अपने बड़े को भी समीक्षा करने के लिए दे सकते है। उनके महत्वपूर्ण बताये हुए... बातों पर ध्यान दे। स्वयं में एवं अपने लेखन में सुधार करे। अभ्यास: अभ्यास वह सशक्त कला है, जिससे अगर आप सीखकर अपने जीवन में उतार लेते है.. तब आपका जीवन सौंदर्य से पूर्ण हो सकता है। शुरू - शुरू में गलतियां हो सकती है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से पढ़ते है और लिखते है। तब आप जरूर एक दिन आप बेहतरीन से बेहतरीन भी लिख सकते है। उसके लिए सबसे जरुरी है कि आप अच्छे एवं गहराई से पढ़े। जब भी लिखे तब अपनी पूरी ऊर्जा एवं उत्साह के साथ लिखें। यह कुछ महत्वपूर्ण टिप्स है।आशा करती हूं कि आपके लिए लाभदायक होगा। धन्यवाद काजल साह

Related articles

 WhatsApp no. else use your mail id to get the otp...!    Please tick to get otp in your mail id...!
 





© mutebreak.com | All Rights Reserved