जीवन केवल संख्याओं का योग नहीं,बल्कि जीवन एक यात्रा है। हर पल को सादगी से जीना ही जीवन है। आज इस निबंध मैं आप सभी के साथ शेयर करुँगी कि कैसे जीवन को हर्षपूर्ण तरिके से जी सकते हैं? जीवन को असाधारण रूप से कैसे जी सकते हैं?
# सोच और आदत : हमारे विचार ही हमारा जीवन निर्धारित करती है।नकारात्मक विचारों से जीवन नष्ट हो जाती है और हम जीवन में कुछ भी प्राप्त नहीं कर पाते। इसलिए सबसे पहले हमें अपने विचारों में बदलाव लाने की नितांत आवश्यकता है।
1. सकारात्मक : हमारा जीवन समय से निर्मित है। अगर हम अपना समय बर्बाद करते है, तब हम अपने जीवन को बर्बाद कर रहें हैं। अच्छे विचार हमें आगे बढ़ना सिखाती है और नकारात्मक विचार हमारा दमन करती है। जीवन में बदलाव तब ही सम्भव है, जब हम सकारात्मक विचारों से लेकर सकारात्मक लोगों का चयन करें।
2. सुधार : बदलाव प्रकृति का नियम है। मनुष्य को हमेशा खुद का प्रतिदिन विश्लेषण करना चाहिए। अपनी कमियों के बारे में उचित रूप से जानकारी हासिल करें।
जब आप खुद पर काम करते हैं, तब आपको विभिन्न चुनौतियों को सामना करना पड़ सकता है। लेकिन इस कठिन दौर में आपको त्वरित परिणाम की चिंता किए वगैरह आपको नियमित रूप से प्रयास करना और खुद पर भरोसा रखना है।
3. स्मार्ट लक्ष्य और उपयोग : जीवन एक लक्ष्य नहीं, अपितु जीवन यात्रा है।समय का सार्थकता से उपयोग और 1% व्यक्तियों के सूची में आने के लिए स्मार्ट लक्ष्य निर्धारित करें। उन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सार्थक स्टेपस और साधन का चयन करें।
स्मार्ट लक्ष्य निर्धारित करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि हम अपने समय का सार्थक उपयोग कर सकते हैं।लक्ष्य की प्राप्ति के लिए डेली गोल्स, वीकली गोल्स एवं मंथली गोल्स जरूर निर्धारित करें।
#सीखना : तो आपने पढ़ा लिया है, हमारे जीवन में सोच का कितना महत्व है।हमारे विचार ही हमारा जीवन निर्धारित करती है। किसी भी क्षेत्र के सफल व्यक्तियों में एक कार्य समान है अर्थात जो उस कार्य को सब लोग करते हैं, वह है - सीखना। सीखना जीवन पर्यन्त क्रिया है अर्थात जब तक जीवन है तब तक सीखना है।सफल लोग हमेशा कुछ सीखते रहते हैं।
1. नया : इंटरनेट के सदुपयोग से हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। जिस प्रकार तन के स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ भोजन अनिवार्य है, ठीक उसी प्रकार मन की मजबूती के लिए नियमित रूप से किताबें पढ़ना,यूट्यूब पर महत्वपूर्ण विषयों पर पॉडकास्ट सुनना, अपने करियर से संबंधित विषयों पर कोर्स करना इत्यादि।
मन एक शिशु की भांति है। इसलिए इसका पोषण करना नितांत आवश्यकता है।
2. चुने : बुद्धिमान व्यक्ति वह है, जो दूसरों की गलतियों से सीखे और उस गलतियों को ना करें। जीवन इतना बड़ा नहीं है कि हम गलतियाँ को बार - बार करके सीखा। आप जिस भी फील्ड में जाना चाहते हैं, उस फील्ड से संबंधित एक ऐसे व्यक्ति को जरूर शामिल करें। जिनके पास अधिक अनुभव हो और ज्ञान हो। हर किसी को अपने जीवन का आदर्श ना बनाएं। सही मार्गदर्शक आपको उचित दिशा दिखायेगा। इसलिए सोच - समझकर चयन करें।
3. लिखें : दिन की शुरुआत से लेकर जब आप रात को सोने जाते हैं, तब रात को सोते समय उन गलतियों को लिखें, जो आपने की और उन बातों को भी लिखें, जिससे आपको प्रसन्नता प्राप्त हुई।
अपने विचारों को शब्दों में प्रकट करने का नितांत अभ्यास करें। लिखना एक माध्यम है खुद को अधिक गहराई से जानने का। लिखना एक सशक्त माध्यम है, जिससे हम यह जान पाते है कि दिन के अन्त में हमने क्या सीखा, क्या गलतियां हुई और क्या बेहतर हो सकता है।
#स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाये रखें :स्वस्थ तन और स्वस्थ मन से ही जीवन में हम सबकुछ पा सकते हैं बिना कुशल स्वास्थ्य जीवन में कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं।शांत एवं हर्ष जीवन की प्राप्ति के लिए शांत मन और कुशल स्वास्थ्य अनिवार्य है।
1. व्यायाम : शारीरिक रुप से मजबूती के लिए नियमित रुप से व्यायाम करें और मन की एकाग्रता के लिए ध्यान और प्रार्थना करें।
2.भोजन और नींद : हैल्थी भोजन का सेवन करें। जंक फूड, फ़ास्ट फूड इत्यादि के स्थान पर फ्रूट्स, हरी - हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करें। अत्यधिक नींद ग्रहण ना करें और ना ही कम। उचित मात्रा में नींद लें, जो आपके मन और तन दोनों के लिए सही होगा।
उपरोक्त कार्य तब ही सम्भव है, जब प्रेरणा ( मोटिवेशन ) के बजाए हम आत्म-अनुशासन का चयन करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देना सीखें। ध्यान भटकाने वाले प्रलोभन से बचे।
जीवन में अनेक चुनौतियाँ आएगी, आपको निरंतर चुनौतियों से लड़ना है और आगे बढ़ना है।
धन्यवाद
काजल साह
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