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06/02/2024 RIYA RAJAK Health Views 72 Comments 1 Analytics Video English DMCA Add Favorite Copy Link
वैज्ञानिकों का अलर्ट- फरवरी में फिर से बढ़ सकते हैं संक्रमण के मामले, क्या आ गया कोई नया वैरिएंट?
कोरोना का खतरा वैश्विक स्तर पर अब भी बना हुआ है। नवंबर-दिसंबर 2023 में दुनियाभर में बढ़े संक्रमण के मामलों की रफ्तार में फिलहाल कमी देखी जा रही है, हालांकि वैज्ञानिकों ने कोरोना के एक बार फिर से बढ़ने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है, सभी लोगों को कोरोना को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। ओमिक्रॉन और इसके म्यूटेटेड वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामलों में फिर से उछाल आने की आशंका है।
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने कहा कि देश में कोविड-19 की स्थिति फिलहाल काफी नियंत्रित है, पर वसंत के दौरान एक बार फिर से संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है। 
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, देश में संक्रमण के सकारात्मक मामलों में थोड़ी वृद्धि देखी जा रही है, जिससे पता चलता है कि खतरा अभी टला नहीं है। आने वाले महीनों, विशेषतौर पर वसंत के दौरान इंटर-रीजनल आवाजाही और मौसम में बदलाव के कारण कोविड-19 का खतरा फिर से बढ़ सकता है। इसको लेकर अभी से सुरक्षात्मक उपाय करते रहने की आवश्यकता है।
चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (चीन सीडीसी) के शोधकर्ता चेन काओ ने एक संवाददात सम्मेलन में बताया, वर्तमान में चीन और दुनिया के अधिकतर देशों में ओमिक्रॉन और इसके म्यूटेटेड वर्जन JN.1 को ही संक्रमण का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हाल के महीनों में चीन सहित अमेरिका, सिंगापुर सहित कई देशों में कोरोना के बढ़े हुए मामलों के लिए इसी वैरिएंट को प्रमुख कारण पाया गया था। ज्यादातर स्थानों पर JN.1 संक्रमण के कारण हल्के लक्षण वाले रोग के ही मामले देखे गए थे, पर गंभीर बात ये है कि इसके कारण संक्रमण की प्रसार दर काफी अधिक थी।
अधिकारियों ने बताया, चीन के कई हिस्सों में 10 से 17 फरवरी तक वसंत उत्सव की छुट्टियां होती है, इसे चीनी नव वर्ष के रूप में भी जाना जाता है। सांस्कृतिक रूप से ये महत्वपूर्ण उत्सव होता है, जिसमें लोगों की भीड़ एकत्रित होती है। इस दौरान बरती गई किसी भी प्रकार की असावधानी के कारण कोरोना के संक्रमण के बढ़ने का खतरा हो सकता है।
देश के कई हिस्सों में नई मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं पर ये कंट्रोल में हैं, पर जिस प्रकार की JN.1 वैरिएंट की संक्रामकता दर है उससे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण के प्रसार का खतरा अधिक हो सकता है। 
बीजिंग के एक अस्पताल में संक्रामक रोग विभाग के मुख्य चिकित्सक ली टोंगजेंग कहते हैं अस्पताल में, इन्फ्लूएंजा बी के मामले अभी भी अधिक हैं, कोविड-19 रोगियों की संख्या दूसरे स्थान पर है। वसंत के दौरान संक्रमण बढ़ने का जोखिम है, इसके लिए भी JN.1 वैरिएंट को ही प्रमुख कारक माना जा रहा है।
फिलहाल वैश्विक स्तर पर ओमिक्रॉन में नए म्यूटेशनों को लेकर जानकारी नहीं है। JN.1 अत्यधिक संक्रामकता वाला वैरिएंट है, अगर इसका प्रसार किसी एक हिस्से में होता है तो इसके कारण कम समय में देश के अधिकतर हिस्सों के प्रभावित होने का जोखिम हो सकता है, जैसा कि हमने पिछले महीनों में कई देशों में देखा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, कोरोना का खतरा अब भी बना हुआ है, इससे किसी को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता है इसलिए सभी लोगों को बचाव के निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के साथ कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करके संक्रमण के जोखिमों से सुरक्षित रहने में मदद मिल सकती है।
JN.1 के कारण ज्यादा गंभीर रोग का खतरा विकसित होते नहीं देखा गया है, पर इसकी संक्रामकता दर अधिक है। कोरोना से बचाव के लिए नियमित रूप से हाथ धोना, मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना आवश्यक है।

                             

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S 06.02.2024 Sushil

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