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07/07/2023 Kajal sah Inspiration Views 267 Comments 0 Analytics Video Hindi DMCA Add Favorite Copy Link
निबंध अंत हुआ अब?
क्या आप सफलता पाना चाहते है? क्या आप सफल होना चाहते है? उत्तर है हाँ। सफल सभी होना चाहते है, सफलता के मार्ग पर सभी आगे बढ़ना चाहते है लेकिन सफलता के लिए कोई कुछ करना नहीं चाहते। इसका सबसे बड़ा कारण है हमारा सबसे बड़ा शत्रु...? सोचिये कौन है हमारा सबसे बड़ा शत्रु? कोई व्यक्ति, कोई इंसान? कौन..? हमारा सबसे बड़ा शत्रु हम स्वयं एवं हमारे अंदर निहित आलस है। जो कभी भी हमें प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने नहीं देगी। आलस हमारे जीवन का हर ख्वाब, सपने लक्ष्य इत्यादि सब छिन्न लेता है और अंत में विषाद ही हमें प्राप्त होता है। अब प्रश्न आता है क्या हमारे अंदर निहित आलस का अंत हम कर सकते है? उत्तर हाँ। लेकिन सबसे पहले आपको यह जानना होगा क्या आप करते है? क्या आप कार्य को करने से मना करते है? अगर आपका माइंडसेट वीक है तब आपका आलस आप पर हावी हो जायेगा लेकिन अगर आपका माइंडसेट सकारात्मक बातों से मजबूत है तो आपका आपका आलस कभी भी आप पर हावी नहीं होगा।
चलिए हम समझने कि कोशिश करते है कि हम आलस का अंत कैसे करे?
1. नियमित व्याम : व्याम एक ऐसा कार्य है जिससे प्रतिदिन करने से शरीर में ऊर्जा एवं माइंड स्ट्रांग बनता है। यानि हम कह सकते है व्याम करने से फिजिकल तौर पर एवं मानसिक तौर पर विकास होता है। इसलिए प्रतिदिन हमें व्याम करना चाहिए। जिससे आपका शरीर एवं दिमाग़ सक्रिय रहेगा जिससे आलस आपको नहीं आ पायेगा। इसलिए करना है आलस का अंत आज से ही व्याम प्रारंभ।

2. टाइम मैनेजमेंट : वह कहते है न सबसे अमूल्य हमारा समय है। जिसका सही उपयोग ही मानव को फर्श से अर्श तक का सफर तय करवाती है। स्टूडेंट्स  से लेकर एडल्ट या वृद्धवस्था के लोगों को टाइम मैनेजमेंट जरूर करना चाहिए। हमेशा अच्छे कार्यों में स्वयं को व्यस्त रखे, जिससे आपके अंदर आलस आने कि संभावना कम हो जाएगी। एक सटीक टाईमटेबल सेट करे, जिससे अनुशासनिक रुप से पालन करे। एक और बात छोटे - छोटे कार्यों के लिए बहुत कम समय दे, जैसे - सोशल मीडिया, मोबाइल फोन इत्यादि। क्युकी देखा यह जाता है इन सभी युवा जनरेशन अपना अत्यधिक समय बर्बाद कर देते है एवं बाद में कोई कार्य नहीं करते एवं आलस करने लगते है।
3. नये - नये एक्टिविटीज : कहते है खाली दिमाग़ शैतान का घर लेकिन आप अपने खाली दिमाग़ को हॉबीज का घर बना सकते है,नये - नये हॉबीज को aquire करके। अगर मान लीजिये आपको कविता लेखन में रूचि है अब आप निबंध लेखन लिखने का प्रयास करे। भाषण में रूचि है, तो आप डिबेट सीखे इत्यादि। सिखने को तो असंख्य है लेकिन आपको अपने माइंडसेट को ऐसा बनाना होगा जिससे आप कोई हॉबीस सिखने में रूचि दिखाए।
Examples :dance, public speaking, playing, etc.

आहार एवं भोजन : स्वास्थ्य शरीर में स्वास्थ्य ब्रेन की भूमिका होती है इसलिए किसी ने सही कहा है स्वास्थ्य से बड़ा तोहफा कोई नहीं है। इसलिए अपने स्वास्थ्य को कुशल मंगल रखना हमारी जिम्मेदारी है। आलस का एक सबसे बड़ा यह भी कारण हो सकता है सही भोजन की कमी। आज के समय में ज्यादातर लोग जंग फ़ूड जैसे चौमिन, पास्ता इत्यादि का सेवन करते है। यह खाने में बहुत अच्छा लगते है लेकिन इसका बैड इफेक्ट हमारे शरीर में भी दिखाई पड़ता है। जैसे - आलस के रूप। आलस का अंत हम अच्छे आहार एवं सही भोजन कर के कर सकते है।ज्यादा से ज्यादा फ्रूट्स, हरि सब्जियाँ खाये।
अत्यधिक तेल से तली एवं बनी वस्तुओं का सेवन ना करे। लेकिन याद रखे इससे आपको प्रतिदिन खाना है।

गुड फ्रेंडशिप जोन :संगत का असर हमारे जीवन में बहुत होता है, इसलिए संगत हमेशा अच्छे मित्रों का करे। आप उनके साथ अपना सपना शेयर करे, एवं उनसे विचार विमर्श करे। जिससे वह मित्र आपको मोटीवेट करेंगे, जिससे आप स्ट्रांग माइंड बनेगा, जिससे आपके अंदर आलस नहीं आएगा।

यह कुछ टिप्स है जिसका आप जरूर से जरूर फॉलो करें, जिससे बहुत हद तक आप आलस बाहर आ जायेंगे। अगर आप इससे नियमित रूप से कीजियेगा तब आपका आलस का पूर्ण रूप से दमन हो जायेगा।
तो देर किस बात कि उठिये, त्याग दीजिये आलस को एवं उड़ जाइये सपनों के आकाश में।
धन्यवाद
काजल साह :स्वरचित
                             

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