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19/03/2024 Kajal sah Development Views 307 Comments 0 Analytics Video Hindi DMCA Add Favorite Copy Link
समय के पास समय नहीं आपको फिर से समय देने के लिए?
आज सुबह के 3 बजे अचानक से नींद टूट गई.. और मैं सोचने लगी.. अगर हम इस धरती पर आए है.. तब एक दिन जरूर हमें धरती छोड़ कर जाना ही होगा।लेकिन मैं स्वयं से ही कह रही थी.. आम बनकर नहीं.. खास बनकर जाना है। प्राणियों में सबसे शक्तिशाली मनुष्य होते है.. जो अपने ज्ञान, बुद्धि और मेहनत से हर कठिन कार्य को सरल बना सकता है। आज आपके सामने अनेक उदाहरण है। कभी मनुष्य पत्थर के युग में निवास करा करते थे.. आज हम तकनीकी के युग में जीवन जी रहें है।
कल शाम को विवेकानंद जी के माध्यम से रचित एक पुस्तक पढ़ने का अवसर मिला.. पुस्तक नाम व्यक्तित्व विकास। सबसे पहले व्यक्तित्व का परिभाषा क्या होता है.. व्यक्तित्व यानि आप जिस प्रकार के व्यक्ति है.. वही आपका व्यक्तित्व है। आपका विचार, आचरण और सवेंदशीलता से ही आपका व्यक्तित्व व्यक्त होता है। लांगमैन के शब्दकोष के अनुसार किसी व्यक्ति का पूरा स्वभाव तथा चरित्र ही व्यक्तित्व कहलाता है। कोई व्यक्ति कैसा आचरण करता है, महसूस करता है और सोचता है। किसी विशेष परिस्थिति में वह कैसा व्यवहार करता है - यह काफी कुछ उसकी मानसिक संरचना पर निर्भर करता है। किसी व्यक्ति की केवल बाह्य आकृति या उसकी बातें या चाल -ढाल उसके व्यक्तित्व के केवल छोर भर है। ये उसके सच्चे व्यक्तित्व को प्रकट नहीं करते। व्यक्तित्व का विकास वस्तुत : व्यक्ति के गहन स्तर से संबंधित है। अंत : मन तथा उसकी क्रियाविधि के बारे में स्पष्ट समझ से ही हमारे व्यक्तित्व का अध्ययन प्रारम्भ होना चाहिए।
जब हम विभिन्न सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर विभिन्न सक्सेसफुल व्यक्तियों को देखते है.. तब हमारा मन भी इच्छुक होता है.कि काश मैं भी सक्सेसफुल होता /होती.. काश मेरे पास धन-दौलत अपार होता.. काश मेरे पास भी स्ट्रांग नेटवर्किंग होता। समस्या यह है कि हम दूसरों को देखकर स्वयं में बदलाव लाना चाहते है। सबसे पहले आपको याद रखना है कि आपका कम्पटीशन केवल आपसे है केवल आपसे। आपको किसी को देखकर अपने जीवन को नहीं बदलना.. आपको सबसे पहले अपना why क्लियर रखिये.. आप क्यों यह चाहते है.. अपने पेरेंट्स के आँखों में वह भावपूर्ण उम्मीद देखिये.. जो केवल आपके लिए है.. जो केवल आपके लिए। आप लोगों से सीखिए..स्वयं के बुरे गुणों पर जय हासिल करे। आज मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण हैबिट्स बताऊंगी.. यह हैबिट्स हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। प्रमुख आदतों को अपनाने से आपका व्यक्तित्व में विकास होगा। जो मैं आपको गुड हैबिट्स बताओगी.. उसे आपको 6 मंथ तक अच्छे से पालन कीजिये। यकीन मानिये आप स्वयं को आफ्टर 6 महीने बाद सशक्त बदलाव देखेंगे। फिर मैं आपको याद दिलाना चाहती हूँ.. यह आदतें आपके लक्ष्य का रोडमैप नहीं है लेकिन मैं इतना आत्मविश्वास के साथ जरूर कह सकती हूँ कि यह अच्छी आदतें ही आपको आपके गोल तक पहुंचाने में आपको सक्षम बनाएगी।

1. धन्यवाद :जब मैं बाज़ार जाती हूँ, तब मैं ऐसे बहुत बच्चों को देखती हूँ, जो  बच्चे सब्जी बेच रहें है.. होटल में काम रहें.. रास्ते में लोगों से पैसे मांग रहें है। जिन बच्चों के हाथ में पुस्तकें होनी चाहिए.. उनके जीवन में छोटी सी उम्र वे काम करने लगे। सब का जीवन एक जैसा नहीं होता.. अगर आज हम पेट भर खा रहें है. तब कई ऐसे भी लोग होंगे जो आधा पेट खाकर सोये होंगे.. या उनको खाना मिला भी नहीं होगा। इसलिए अब कम्प्लेन करने की आदत को छोड़े आपके पास जो -जो है, सबके लिए धन्यवाद कहे रोज। सुबह होते ही भगवान से प्रे करते हुए कहे.. थैंक यू यूनिवर्स फॉर गिविंग में आल ब्यूटीफुल थिंग्स एंड पर्सन इन माई लाइफ। धन्यवाद करने से हमारे मन में सकारात्मक विचार और सकारात्मक कार्य का संचार होता है। अपने जीवन में हर छोटी से बड़ी चीज़े, अपने पेरेंट्स, अपने सिबिलिंग्स और अपने अच्छे दोस्तों को रोज धन्यवाद करे.. कि वे आपके जीवन का हिस्सा बने।

2. मॉर्निंग : सुबह में वह शक्ति है.. जिससे आपका मन और तन दोनों ऊर्जापूर्ण हो जाता है।अगर आप नाईट तक वर्क करते है /स्टडी करते है। मैं आपसे यही रिक्वेस्ट कर सकती हूँ कि आप रात को जल्दी सोने का प्रयास करे..अपने सुबह को जीत। जितनी शक्ति, जितनी ऊर्जा और जितनी उमंग सुबह में होती है.. ना तो वो शाम में है, ना ही दोपहर और ना ही रात में। यह मैं नहीं कह रही हूँ.. एक रिसर्च अनुसार पता चला। आप सुबह उठकर यूनिवर्स को धन्यवाद करने के बाद योगा करे.. मैडिटेशन को अपने जीवन का हिस्सा बनाये।

लिमिट या लीव : हमारा माइंड एक खेत की तरह है.. इसमें जैसा बीज बोयेंगे.. वैसा फल आएगा। अगर अच्छा बीज है तब सब चंगा होगा। किसी भी स्माल या बिग गोल की प्राप्ति करने में आपके लक्ष्य में बाधा बनकर आ सकती है.. नेगेटिव एप्प्स, नेगेटिव पीपल, सोशल मीडिया, न्यूज़ इत्यादि। आपके जीवन जो भी नकारात्मक चीज़े है... जिससे आपका ऊर्जा का हनन हो रहा है.. आपके ज्ञान, शक्ति पर नकरात्मक प्रभाव पड़ रहा है.. तब आपको धीरे - धीरे इन चीज़ों, व्यक्तियों से दूर रहने का प्रयास करना है। अगर इसका प्रभाव आपके मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा पड़ रहा है। तब आपको शीघ्रता के साथ इन आदतों को त्यागना होगा।

स्पीर्चुअल : स्पीर्चुअल में वह सशक्त शक्ति है.. जिससे आप एक सकारात्मक, प्रेरणादायक दिशा की ओर अग्रसर होते है। स्पीर्चुअल में प्रवेश करने का बिल्कुल अर्थ यह नहीं है कि सारे लोगों से रिश्ते दूर होकर भगवान के भक्ति में लीन हो जाना। स्पीर्चुअल एक शक्ति है..जहाँ आप भगवान जुड़ना सीखते.. अपने कर्म पर भरोसा करना सीखते है। यह बहुत सशक्त, शक्तिशाली और पवित्र स्थान है। आपको अपने वर्क के साथ स्पीर्चुअल क्षेत्र में भी समय जरूर देना चाहिए।
सुबह -सुबह डीप ब्रीथिंग लेने का प्रयास करे। विश्वास कीजिये जब आप स्पीर्चुअल में प्रवेश करते है.. तब आपके अंदर एक अनोखा परिवर्तन और सकारात्मक सुधार होता है।

स्पेंड : अगर आप 4 ऐसे लोगों के साथ रहते है जिनका सोच बुलंद है, जिनमें मेहनत करने की ललक है और जीतने का अनुपम जिद्द है। तब यकीन मानिये पांचवे आप होंगे, यह गुण आपके अंदर भी आ जाएगा। अगर आप नकरात्मक लोगों के साथ रहते है.. तब अगले नकारात्मक व्यक्ति आप बनने वाले है। सकारात्मक लोगों के साथ टाइम स्पेंड करे। इससे आपको ऊर्जा और समय व्यर्थ नहीं होता..सकारात्मक लोग, मेहनती लोग और जिद्दी लोगों के साथ जब अटूट मित्रता तब आप शीघ्रता के साथ अपने गोल तक पहुँचते है। वह दिन भी कितना सुंदर होगा ना.. जब साथ में हम अपने लक्ष्य के लिए उड़ान उड़ेंगे और एक साथ अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचेगे।

लर्निंग माइंडसेट : सीखना जीवन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। आप जितना सीखते है.. उतना आप अपने माइंड को स्ट्रांग करते है.. जितना आप अपने माइंड को स्ट्रांग करते है.. आप अपने विश्वास, ज्ञान, बुद्धि में वृद्धि करते है। यही लर्निंग माइंडसेट के वजह से ही आप अपने लक्ष्य तक जल्दी पहुँच पाइयेगा। प्रतिदन कुछ नया सीखें। नये स्किल्स,नया ज्ञान अर्जित करे। और सीखने के साथ रोजाना रिवीज़न और अभ्यास भी करे। यह गुण आपके व्यक्तित्व विकास में चार -चाँद लगा देगी।

हेल्थ: जब मानसिक और शारीरिक हेल्थ चंगा.. तब ही हम जीवन में किसी बुलंदियों तक पहुँच सकते है। आपको अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के विकास में महत्वपूर्ण रूप से ध्यान जरूर देना चाहिए। सही भोजन करे.. (कोशिश करे अपने भोजन में शाकाहारी को स्थान दे) सही नींद ले (ना बहुत ज्यादा ना कम, उचित मात्रा में ले ) व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाये (याद रखे.. अगर आज आपने व्यायाम के लिए 20-30 मिनट दे दिया.. तब आप कई भविष्य में कई बीमारिओं को पछाड़ दिया।

विसुअलाइज़ : आपका जो भी लक्ष्य है.. जो भी आपका सपना.. जो भी आप आपने जीवन में करना चाहते है.. उन लक्ष्य को रोजाना सोने से पहले और सुबह में विसुअलाइज़ करे। विसुअलाइज़ में वह सशक्त शक्ति है.. जिससे आप सकारात्मकता से आपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए अग्रसर होते है।

बस अब नहीं : हमारा कम्पटीशन केवल खुद से.. केवल खुद से। अगर आपके अंदर दूसरों से खुद को तुलना करने का अवगुण है.. अगर आप खुद पर फोकस ना करके दूसरे क्या कर रहें है.. दूसरों के सफलता से आपको घृणा आ रही है इत्यादि जैसे अवगुणों को अपने जीवन से दूर कर दे। आपको स्वयं पर फोकस करना है, अपने प्रोग्रेस पर करना है और अपने यात्रा पर करना है।

सीक : जीवन में मौका बार - बार नहीं मिलता... लेकिन जब भी मौका मिले उसे कभी गवाइएगा नहीं। क्युकी हर एक मौका आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचने में आपका मदद करेगा। आप ऑनलाइन /ऑफलाइन के माध्यम से अपने करियर से संबधित, अपने टैलेंट्स से संबंधित विभिन्न मौके बारे में रिसर्च करे। लोगों से नेटवर्किंग बनाये.. आपको अवसर और अत्यधिक रूप से मिलेगा। अवसर आपके लक्ष्य के साथ आपका व्यक्तितगत विकास भी करती है।

रोजाना : हमारे पास सबसे बात करने का समय है लेकिन जब अपनी बात आए तो.. टाइम नहीं। आपको रोजाना स्वयं को में अपने सुधार को देखना है। स्वयं के साथ कुछ समय टाइम स्पेंट करे.. अपने स्माल विन्स को स्वयं के साथ सेलिब्रेट करे इत्यादि।

बस कुछ महीने खुद को और दीजिये.. अपने सेल्फ इम्प्रूवमेंट में.. अपने विकास.. अपने व्यक्तिगत विकास में.. अपने लक्ष्य में.. आपका जीवन है.. इसलिए जिम्मेदारी आपकी होनी चाहिए।
धन्यवाद
काजल साह
                             

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