1% लोग ही जीवन में आगे इसलिए सफल हो पाते हैं,क्योंकि ऐसे लोग आलस्य के स्थान पर अपने कार्य को अपने सम्पूर्ण शक्ति के साथ करते हैं। 99% ( प्रतिशत) लोग इसलिए असफल है,क्योंकि उन्होंने आलस्य को चुना। यही कारण है कि आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है ,जो मनुष्य के समग्र गुण,शक्ति इत्यादि को ध्वंस कर देता है।
स्टूडेंट्स, वर्कर्स इत्यादि जब वीकेंड्स में फ्री रहते हैं,तब वे आलस्य का चयन कर लेते हैं।आलस्य का चयन उनके मानसिक,बौद्धिक एवं शारीरिक क्षमता को कम देता है।जब हमें ऐसा लगे कि हमारे पास करने के लिए कुछ नहीं होता,तो हमें या कुछ नया सीखने की कोशिश करना चाहिए।चलिए आज मैं आपको इस निबंध से यही बताने वाली हूं कि जब कार्य करने के बाद आप फ्री हो,तब आप उस समय का उपयोग कैसे कर सकते हैं?
क्षमता एवं समय बर्बाद आलस्य बर्बाद कर देता है,इसलिए यह जरूरी है कि खाली समय को सही दिशा में उपयोग किया जाएं।
1. सुधार: आत्म –सुधार मनुष्य के जीवन का मुख्य ध्येय होना चाहिए। लेकिन अत्यधिक लोग केवल बाहरी आवरण पर ध्यान देते हैं।यह आवश्यक है लेकिन उसे भी अधिक यह जरूरी है कि मन,भाव और आध्यात्मिक इन तीनों को सशक्त बनाना।
फ्री टाइम कहना गलत होगा,क्योंकि समय सबसे कीमती एवं शक्तिशाली है ।फ्री हम है,इसलिए लगता है कि समय अधिक है।लेकिन यह शरीर , सांसे क्षणभंगुर है,यह किसी भी क्षण नष्ट हो सकता है।इसलिए अनिवार्य है कि इस लघु मानव जीवन में सदुपयोग कार्य करें।अच्छे कार्य तब यह संभव है,जब समय का उपयोग अपने व्यक्तिगत सुधार के लिए उपयोग करें।आज के समय में सीखने और आगे बढ़ने के लिए अनगिनत सोर्स हैं ।जैसे : किताबों का अध्ययन करें,अपने कौशल और नई कौशल की विकसित करें इत्यादि। आलस्य का चयन कमजोर करते हैं,लेकिन वीर आलस्य का चयन नहीं बल्कि आत्म – सुधार का चयन करते हैं।
2. तन और मन: आलस्य का चयन ( बहुत देर तक टीवी या रील्स देखना ,गलत लोगों के साथ समय व्यतीत करना इत्यादि) ये सभी कार्य ऐसे कार्य हैं,जो हमें सुस्त एवं कमजोर कर देता है ।तब आप उन समय में अपना समय उपयोग करें,जिससे आपका तन और मन मजबूत हो पाएं।जैसे – सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करें,सकारात्मक विचारों को सुने,पहेलियां हल करें इत्यादि।जिससे हमारा मानसिक एवं शारीरिक क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
3. योजनाएं : इंद्रियों के सुख के पीछे मूर्ख लोग भागते हैं लेकिन समझदार व्यक्ति यह जानता है कि यह मनुष्य शरीर की प्राप्ति सौभाग्य से मिलता है।इसलिए समझदार व्यक्ति अपने समय का उपयोग योजनाएं बनाकर करता है।सपने देखना गलत नहीं है लेकिन उन सपनों के लिए कार्य नहीं करना यह गलत है।जीवन को बड़े लक्ष्य के लिए खुद को समर्पित करें।जब जीवन में सटीक एवं बड़ा लक्ष्य रहता है,तब हम अपने समय और ऊर्जा का उपयोग सही दिशा में करते हैं।
4. बिताएं :कितना दुख होता होगा ,उस मां को जब वह अपने बच्चों के साथ कुछ पल बिताना चाहती है लेकिन बच्चें ऑनलाइन दोस्तों के साथ व्यस्त रहते हैं। पेरेंट्स अपना सम्पूर्ण जीवन बच्चों के अच्छी परवरिश के लिए लगा देते हैं लेकिन वहीं बच्चें जब बड़े होते हैं,तब उनके पास समय नहीं रहता है ,अपने परिवार,अपने पेरेंट्स के लिए। माता – पिता का योगदान बच्चें कभी चुका नहीं सकते ।इसलिए प्रतिदिन अपने कार्यों को पूर्ण करने के बाद कुछ घंटे अपने परिवार के साथ व्यतीत करें। इसे मन शांत एवं रिश्ते मजबूत होते हैं।मानसिक एवं भावनात्मक शांति की प्राप्ति होती है।
5. समाज सेवा और रचनात्मक: मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।समाज के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाह हम अपने छोटे –छोटे कार्यों के माध्यम कर सकते हैं।जैसे : अगर अपने लर्निंग को ऐसे बच्चों को सीखा सकते हैं,जो शिक्षा से वंचित है या किसी को सुचारू रूप से शिक्षा न मिल रहा हो। विभिन्न लोकल एरिया में आप ऐसे NGO, फाउंडेशन से जुड़ सकते हैं,जो समाज के लिए अच्छे कार्य कर रहे हैं। आप अपने अनुसार उनकी मदद कर सकते हैं,समाज की मजबूत बनाने में।जब किसी की मदद करते हैं,तब प्रसन्नता एवं हर्ष मिलता है ।इसलिए आप स्टूडेंट्स हो या वर्कर अगर आपको वीकेंड में समय मिलता है, तब उसका उपयोग सामाजिक कार्यों में जरूर करें।
6. रचनात्मक: पढ़ाई हो या कार्य क्रिएटिविटी की बहुत बड़ी भूमिका है।इसलिए कुछ क्षण ही लेकिन अपने क्रिएविटी पर कार्य करें।जैसे – अपने विचारों को रचनात्मक रूप देने का प्रयास करें,अगर आपको चित्र बनाना पसंद है,तो उसे क्रिएटिविटी के सतह करें।क्रिएटिविटी हमारे मानसिक क्षमता को विकसित करती है।
ये कुछ महत्वपूर्ण कार्य है,जिससे आप कर सकते हैं। आलस्य को दूर करें और अनुशासित जीवन का चयन करें।आप जो आज वर्तमान में कर रहे हैं,उसे ही आपका भविष्य निर्धारित होता है।इसलिए अपनी ऊर्जा और समय का उपयोग करें।अपनी क्षमता को बढ़ाने का निरंतर प्रयास करें।
आशा करती हूं कि यह निबंध आपको अच्छा लगा होगा।
धन्यवाद
काजल साह
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