एकांत काल तनाव एवं चिंता का काल नहीं है बल्कि स्वयं को जानने का एवं स्वयं को सशक्त बनाने का क्षण होता है।आज के युवा अकेले रहने से डरते है या उस एकांत समय का दुरुप्रयोग करते हैं।एकांत काल को निरर्थक जो भी समझते हैं,वे कभी भी खुद की खोज नहीं कर पाते हैं। खुद की खोज करने का सबसे अनुपम समय है – एकांत काल। आज इस निबंध मैं आप सभी के साथ शेयर करूंगी कि कैसे एकांत काल को विकास काल में बदल सकते हैं।
1.करें: जो बदलाव हम दुनिया में चाहते हैं,वह बदलाव सबसे पहले स्वयं में हमें लाना चाहिए।स्वयं को जानने का एवं स्वयं पर कार्य करने का सबसे अच्छा समय है – एकांत काल।अकेले समय में खुद को समझे अर्थात् जब आप खुद से बात करते हैं,खुद का निरीक्षण एवं विश्लेषण करते हैं,तब आप अपने विचारों,भावनाओं एवं लक्ष्य को पहचान पायेंगे। खुद की गहराई से जाने बिना ,अन्य व्यक्ति को समझना कठिन होता है।एकांत काल आत्मनिरीक्षण,आत्म –चिंतन एवं आत्मविश्लेषण करने का काल है।इसलिए अपनी संपूर्ण शक्ति ,एकाग्रता एवं ऊर्जा खुद को जानने में व्यय करें।
2.कौशल:आज के समय में केवल डिग्री महत्वपूर्ण नहीं है,उसके साथ महत्वपूर्ण कौशल का ज्ञान होना जरूरी है।इस तकनीकी युग में समय बर्बाद करना ( अत्यधिक रील्स देखना,इंटरनेट का दुरूपयोग करना इत्यादि) सबसे बड़ी गलती भविष्य में सिद्ध होगी। इसीलिए युवाओं को यह बात आत्मसात कर लेना चाहिए कि केवल डिग्री ज़रूरी नहीं है बल्कि कौशल भी बहुत जरूरी है।इसलिए एकांत काल को पार्टी , व्यर्थ की बाते करने इत्यादि में व्यय न करें।डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग खुद को सम्पूर्ण रूप से सशक्त बनाने में करें।
Coursera,Udemy,Learnve–rn youtube जैसे प्लेटफॉर्म एकांत समय में कौशल सीख सकते हैं,अपने फील्ड के अनुसार।इन महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म पर विभिन्न कौशल निशुल्क भी मौजूद है।जैसे : पब्लिक स्पीकिंग,एडिटिंग ,ग्राफिक डिजाइनिंग इत्यादि ।
3. ज्ञात: जीवन क्षणभंगुर है अर्थात् किसी भी क्षण यह जीवन नष्ट हो सकता है।अगर लघु जीवन में बार – बार गलती करके सीखना सही नहीं है।
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