Neelam Saxena Chandra | Additional Divisional Railway Manager, Indian Railways Pune Division Pune | [email protected]

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18/06/2020 Neelam Saxena Chandra Nature Views 425 Comments 0 Analytics Hindi DMCA Add Favorite Copy Link
सबको जाना ही है
हरदम का साथ कहाँ, सबको जाना ही है
ज़िंदगी की रस्में हैं, उन्हें निभाना ही है

मंज़र पल में बदलता, कहीं भी मुकाम नहीं
बादल हों चाहें ग़म के, हमें मुस्कुराना ही है

आसमान में उड़ते परिंदे, हार मानते कहाँ
पतंगों सा ख़्वाबों को, हमें उडाना ही है

सूखता शजर गर्मियों में, बारिश में खिल उठता
कितनी भी मुश्किलें हों, गीत गुनगुनाना ही है

मिटटी में जिस्म होगा, रह जायेंगे मीठे बोल
जो सरगम अमर हो जाए, वो तो गाना ही है
                             

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