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26/04/2024 Kajal sah Awareness Views 411 Comments 0 Analytics Video Hindi DMCA Add Favorite Copy Link
समानता और ध्यान
समानता अर्थात बराबर। कितना प्यारा और उत्तम शब्द है। किसी भी विकसित देश का राज है.. कि वहां पर नारी और पुरुष को समान अवसर दिए जाते है।यह समान अवसर के कारण ही कोई देश उन्नति के शिखर को छू पाता है।
अफ़सोस की बात है..आज भी हमारे देश में महिलाओं को केवल देह मात्र देखा जाता है। इससे भी बड़ी अफ़सोस की यह बात है कि महिलाएं भी अपने आप को शरीर मात्र मानकर खुद को सवारती है।
जीवन का दूसरा नाम आंनद है.. लेकिन दुख यह बात है कि बहुत सी महिलाएं अपने जीवन को आनंदित रुप से जी नहीं पाती है। पुरुषो के लिए आनंद मात्र अर्थात भोग विलास की वस्तु तक ही सिमित रह जाती है।
आप महिला होने से पहले आप एक इंसान है.. हर महिलाओं को अपने ज्ञान, कौशल, बुद्धिमत्ता के विकास के लिए कार्य करना चाहिए।
आज महिलाएं विभिन्न विकसित क्षेत्रों में केवल 6-7% क्यों है? क्या आप जानते है? इसका प्रमुख कारण है.. कि महिलाओं की अत्यधिक ऊर्जा प्रजन्न संबंधित कार्य, बच्चों के परवरिश में ही बीत गया.. उनके सारे ऊर्जा का दुरूपयोग हुआ है।
हर महिला से विनती है कि आप स्वयं को देह समझना बंद कीजिये। आप अपने शक्ति को पहचाने.. अपने इच्छाशक्ति.. दृढ़ सपनों को देखिये.. ऊँची उड़ान भरिये।
आज मैं आपको बताने वाली हूँ कि एक लड़की को अपने विकास के लिए किन -किन विषय पर कार्य करना चाहिए। अपने पर्सनालिटी और वैल्यू के विकास के लिए। आज के बताये हुए टिप्स को अगर आप अपनाते है.. तब आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव, आप सशक्त महिला, दयालु पर्सन बन पाइयेगा।

1. इनर : बाहरी सुंदरता क्षण मात्र है। हर एक लड़की को अपने इनर ब्यूटी में निखार लाने की आवश्यकता है। इनर ब्यूटी अर्थात आपकी आंतरिक सुंदरता है। असली सुंदरता चेहरे से नहीं असली सुंदरता आपके अंदर निहित दयालुपन, ईमानदारी, सच्चाई, सभी से प्रेम इत्यादि। यह बहुत महत्वपूर्ण क्वालिटी है.. क्युकी इससे आप अपने जीवन के साथ दूसरे के जीवन में भी ख़ुशी की रौशनी ला पाते है। इनर ब्यूटी से लोग आपसे बहुत जल्दी जुड़ जाते है।
2.आत्मविश्वास : आपको पता है.. हमारे अंदर आत्मविश्वास कब आता है? जब हम किसी विषय /टॉपिक को जानते हो? अर्थात जब हम शिक्षा ग्रहण करने लगते है.. तब हमारा आत्मविश्वास बढ़ने लगता है। इसलिए हर एक लड़की को हर कठिन से कठिन परिस्थिति में पढ़ना जरुरी चाहिए।
जब भी आप अपने विचारों को दूसरे के समक्ष रखते है.. तब आत्मविश्वास के साथ स्टैंड रहे, ऑय कांटेक्ट और अपने बातों को प्रभावशाली तरिके से रखने का प्रयास करे।

3. सकारात्मक : एक प्रभावशाली महिला बनने के लिए पहली सीढ़ी है कि आप अपने विचारों को सकारात्मक बनाये। जीवन के हर कठिन से कठिन परिस्थिति में हिम्मत ना मानकर सकारात्मक की ओर अपना कदम हमेशा बढ़ाये।एक मजबूत महिला बनने के लिए जरुरी है कि आप नकारात्मक विचारों, नकारात्मक लोगों इत्यादि को अपने जीवन से दूर कर ले। अपने जीवन में हो रहे.. गुड थिंग्स पर ध्यान दे। सकारात्मकता में वह सशक्त शक्ति है.. जिससे आपका मजबूत चरित्र का निर्माण होता है। सकारात्मकता में वह सशक्त शक्ति है.. जिससे आपका ध्यान, ऊर्जा, समय का सदुपयोग होता है।
कुछ पल ऐसा भी आपके साथ होता होगा कि बहुत जब आप बहुत स्ट्रेस, दर्द इत्यादि महसूस कर रहे होंगे? तब इसका सबसे अच्छा माध्यम है..आप भगवान का भजन सुने और उनके गीतों को गुनगुनाये.. इससे आपका धीरे -धीरे नकारात्मकता, स्ट्रेस दूर होने लगेगा।

4.सेल्फ : आज के समय में किसी पुरुष से वास्तविक प्रेम का आस रखना.. व्यर्थ होगा। प्रेम तन नहीं मांगता.. प्रेम ऐसा मन और दिल मांगता.. जो हर परिस्थिति में साथ, दुख -सुख हर परिस्थिति के साथी बनकर रहे, अपने प्रेयसी को तन से नहीं अपितु उसके ज्ञान, कौशल से प्यार करे। हालांकि जब मैं किसी लड़की को किसी अन्य पुरुष के सामने हाथ जोड़ते हुए यह सुनती हूँ.. तब मन बहुत भावुक और क्रोधित हो जाता है। जब मैं यह सुनती हूँ कि लड़की बोलती है कि मुझे छोड़ कर मत जाओ.. मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगी। तब वह लड़की अपना सेल्फ respect को पुरे तरिके से  खो देती है। ऐसे प्रेम से सबसे महत्वपूर्ण हर लड़की का सेल्फ respect।
सेल्फ respect के लिए जरुरी है कि आप अपने जीवन में अनिवार्य सीमा तय करे। आप स्वयं का respect करे..कोई भी रिश्ता आपके सेल्फ respect से ज्यादा नहीं होना चाहिए। सेल्फ respect की शक्ति को स्वयं के जीवन में आत्समत करके आप हेअल्थी, सुंदर और मजबूत रिश्ते की नींव को आप खड़े कर सकती है।

5.आत्मनिर्भर : जब आप स्वयं पर आत्मनिर्भर हो जाती है.. तब आप वास्तविक स्वंत्रता अर्थात आप अपने जीवन को आनंदित रूप से जी पाती है।आप स्वयं पर आर्थिक रूप से तब आप निर्भर बन पाइयेगा..जब आप अपना स्वयं को शिक्षित, अपने ज्ञान और कौशल पर जब आप निरंतर रूप से कार्य कीजिये। आपका ज्ञान.. आपका कौशल.. आपका टैलेंट ही आपको एक अलग पहचान प्रदान कर सकता है। आप स्वयं पर निर्भर हो पाइयेगा।

6. जिज्ञासा : बहुत दुख होता है.. जब बचपन से ही लड़कियों को चुप रहना सिखाया जाता है.. उन्हें एक बार नहीं हर प्रश्न में बार -बार में पूछने रोका जाता है। जैसे :अरे तुम लड़की हो.. इतनी जोर से मत हँसो इत्यादि।
अब आपको इन सारे बधाओं को तोड़ना.. अपने अंदर निहित प्रश्नों को दबने नहीं देना है.. अपने प्रश्नों को पूछना.. नये -नये प्लेस को एक्सपलोर करना है आपको.. जिससे आपका curiosity के गुणों का विकास होगा।

6. पैशन :किसी ने पूछा कि पैशन क्या है? तब उत्तर मिला.. पैशन तो वह जो हमें रात में सोने तक ना दे।हम सभी प्राणी ईश्वर ने के बच्चे है। हम सभी जीवों में अपार क्षमता है.. जिससे हम हर असंभव कार्य को संभव कर सकते है।
एक कमरे में जाकर शांतिपूर्वक बैठे.. और अपने पैशन को ढूंढे.. अपने रूचि को लिखें। अगर आपको अपने पैशन के बारे में पता है.. तब आप रोजाना रोचकता, कड़ी मेहनत, उत्साह के साथ आप अपने पैशन का अभ्यास करे।
मैं आपको खुद का अनुभव बताती हूँ.. जब मैं अपने पैशन पर कार्य करती हूँ.. तब मुझे बहुत ख़ुशी, उत्साह और उमंग मिलता है। एक अलग ही ऊर्जा आ जाती है.. जो मुझसे कहती है कि काजल तुम कर सकती हो.. तुम सफल हो सकती इत्यादि।

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ध्यान एक ऐसी शक्ति है.. जिससे आप अगर अपने जीवन में आत्मसात कर लेते है.. तब आप जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते है। किसी भी विषय को, किसी कार्य को, किसी भी क्षेत्र में बेहतर बनने के लिए आवश्यक है.. कड़ी मेहनत,अभ्यास, प्रयास। इन तीनों का आधार ध्यान है।

1. लक्ष्य : कोई फर्स्ट एटेम्पट में ही upsc एग्जाम क्लियर कर लेते है.. और कई लोगों को बहुत प्रयासों के बाद अचीव कर पाते है और बहुत सारे लोग कई प्रयासों के बाद भी।
इसके कई कारण हो सकते है। अगर आप अपने ध्यान की शक्ति को बढ़ाना चाहते है.. तब आपको स्मार्ट फ्रेम वर्क (specific, measurable, achievable, relevant and time bound )इस फ्रेम में आपको अपने लक्ष्य को केंद्रित करने की आवश्यकता है। अगर आप अपना ध्यान अपने लक्ष्य की ओर नहीं लगा पाते है.. तब आपको स्मार्ट फ्रेम वर्क उपयोग जरूर करना चाहिए।

2. क्लियर :हम सभी जानते है.. इस दुनिया में अगर हम आये है.. तब हमारा जाना तय है। लेकिन जन्म से लेकर मृत्यु के मध्य हम अपने जीवन को कैसे जीते है.. यह हमारे हाथ में है। जब भी आपका ध्यान अपने लक्ष्य की ओर ना जाये.. तब आप खुद से पूछे कि आपने क्यों स्टार्ट किया था? आपका why क्या है? क्युकी जब आपको आपका why क्लियर होगा.. तब आप अपने लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ेंगे।
3.वातावरण : ध्यान की शक्ति को बढ़ाने के लिए आपको अपने आस -पास ऐसे वातावरण क्रिएट करना होगा.. जिससे आप ध्यान केंद्रित करके अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते है। अगर संभव ना हो तो आप अपने मित्र के घर जा सकते है, आप पार्क जा सकते है इत्यादि।

काजल साह
धन्यवाद
                             

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